उच्‍च न्‍यायालय छत्‍तीसगढ,बिलासपुर - वर्तमान ‍न्‍यायाधिपतिगण


वर्तमान ‍न्‍यायाधिपतिगण

माननीय श्री न्यायमूर्ति टी. भास्करन (मुख्‍य न्‍यायाधिपति)
माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा
माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्‍द्र मोहन श्रीवास्‍तव माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुडी माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल
माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी माननीय श्री न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बाजपेयी
माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेन्द्र चंद्र सिंह सामंत माननीय श्री न्यायमूर्ति अनिल कुमार शुक्ला










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माननीय श्री न्यायमूर्ति टी.भास्करन :-


माननीय न्यायमूर्ति श्री टी.भास्करन ने 18 मार्च 2017 को उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्‍य न्‍यायाधिपति के रूप में शपथ ग्रहण की ।


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माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर :-

माननीय श्री न्यायामूर्ति प्रीतिनकर दिवाकर का जन्म 22.11.1961 को जबलपुर मध्यप्रदेश में हुआ था। उनके पिता स्व. डॉ एस.सी. दिवाकर एक प्राख्यात शिक्षाविद, गांधीवादी विचारधारा के अनुयायी तथा जबलपुर के जाने माने समाजिक शख्सियत थे। खेलप्रिय व्यक्ति होने के अलावा माननीय श्री न्यायमूर्ति दिवाकर हमेशा मेधावी छात्र रहे। उन्होंने 1981 में रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय जबलपुर से स्नातक कर उसी विश्‍वविद्यालय से वर्ष 1984 में एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त की।

उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश में अधिवक्ता के तौर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति डी.एम. धर्माधिकारी (सेवानिवृत्त न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय) के कार्यालय से की एवं उसके बाद आपने माननीय न्यायमूर्ति श्री अजित सिंह के साथ भी काम किया । अपने विधि व्यवसाय के दौरान उन्होंने संवैधानिक, दीवानी तथा दाण्डिक प्रकरणों में पैरवी की। वे स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आई.डी.बी.आई. मध्यप्रदेश राज्य वित्तीय निगम, कोटक महिन्द्रा बैंक, रायपुर दुग्ध संघ, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल तथा विभिन्न नगर निगमों के स्थायी अधिवक्ता रहे। 1992 में उन्होंने शासकीय अधिवक्ता के रूप में मध्यप्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व भी किया। उन्हें 2005 में उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया गया। वे सात सालों तक मध्यप्रदेश राज्य विधिक परिषद के सदस्य रहे तथा पांच साल तक छत्तीसगढ राज्य विधिक परिषद के सदस्य रहे।

उन्होंने 31 मार्च 2009 को बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में न्यायाधीश का पदभार ग्रहण किया।


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माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा :-

जन्म 29 अगस्त 1964 को रायगढ़ (छ0ग0) में हुआ। उन्होंने बी.एस.सी. तथा एल.एल.बी. की उपाधि गुरूघासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर (छ0ग0) से प्राप्त की। वे 4 सितम्बर 1987 को अधिवक्ता नामांकित किये गये। उन्होंने जिला न्यायालय रायगढ़, जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश तथा बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में वकालत की तथा दीवानी, दाण्डिक एवं रिट के विभिन्न शाखाओं में वकालत की। उन्हें जनवरी 2005 को उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनित किया गया। वे 2½ वर्षो तक छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष रहे। वे उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के नियमकारी समिति के नियुक्त/सहयोगी सदस्य रहे। वे गुरूघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कार्यकारी परिषद के कुलाधिपति भी नामित किये गये। वे हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्‍वविद्यालय, रायपुर (छ0ग0) के कार्यकारी परिषद में पदेन सदस्य के तौर पर सम्बद्ध रहे। उन्होंने जून 26, 2004 से 31 अगस्त 2007 तक छत्तीसगढ़ राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता के तौर पर कार्य किया और उसके पश्‍चात् 1 सितम्बर 2007 से अपने उन्नयन तक उन्होंने राज्य के महाधिवक्ता के तौर पर कार्य किया। 10/12/2009 को वे बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्‍द्र मोहन श्रीवास्‍तव :-

माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव का जन्म 6 मार्च 1964 को बिलासपुर में हुआ। उन्होंने विद्यालयीन शिक्षा बिलासपुर से पूर्ण की तथा स्नातक (बी.एस.सी.) की उपाधि सी.एम.डी. महाविद्यालय बिलासपुर से एवँ एल.एल.बी. की उपाधि स्वर्ण पदक सहित के.आर. विधि महाविद्यालय से प्राप्त की। वे अध्ययन बोर्ड तथा शैक्षणिक परिषद, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सदस्य रहे। 5/10/1987 को म0प्र0 विधिज्ञ परिषद में नामांकित किये गये तथा जिला न्यायालय रायगढ़ एवं उच्च न्यायालय में वकालत किये । वे आयकर विभाग नगर परिषद, रायपुर एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत संगठन, निगमों के स्थायी अधिवक्ता रहें। वे रोटरी इंटरनेशलन से भी संबद्ध हैं। 31/01/2005 को उन्‍हें वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत किया गया तथा 10/12/2009 को बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में उन्नत किये गये।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुडी :-

इनका जन्म 10 नंवबर 1962 को प्रख्यात अधिवक्ताओं श्री एस. के भादुड़ी (पिता), एवं पी. भादुड़ी (दादा) के परिवार में हुआ। इन्होंने अपनी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयीन शिक्षा बंगाली कालीबाड़ी विद्यालय रायपुर और उसके पश्चात् माध्यमिक शिक्षा संत पाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर से पूर्ण की। इन्होंने बी.काम. और एल.एल.बी. की डिग्री रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से प्राप्त की। इन्हें एल.एल.बी. में स्वर्ण पदक प्रदान किया गया था।

ये ऐसी समिति के जुडे हुए थे जो रायपुर में 3 महाविद्यालयों का संचालन करते थे जिनका नाम दुर्गा महाविद्यालय, विवेकानंद महाविद्यालय और इनके दादा द्वारा स्थापित विधि महाविद्यालय हैं। ये शिक्षा समिति एवं क्षेत्रीय समितियों के भी सदस्य रहे।

ये विधि व्यवसाय से 1985 से जुड़े। इन्होंने छत्तीसगढ़ एवं पूर्व म.प्र. क्षेत्र राज्य के विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत की तथा उच्च न्यायालय में भी वकालत की।

सन् 2000 में बिलासपुर स्थानान्तरित हो गए। इन्होंने शासकीय अधिवक्ता के रूप में कार्य किया और इसके पश्चात् महाविधवक्ता कार्यालय बिलासपुर में उपमहाविधवक्ता के रूप में पदोन्नत हुए और सन् 2003 तक इस पद पर रहे। इसके पश्चात् निजी वकालत की।

इन्होंने सिविल, दांडिक, संवैधानिक, कंपनी और श्रम मामले किए। ये सी.बी.आई. के स्थयी अभिभावक भी रहे। ये सेल, एन.टी.पी.सी, बैंक जैसे सार्वजनिक उपक्रम और विभिन्न प्रायवेट कंपनी निकायों के भी स्थयी अभिभावक रहे।

इनका उन्नयन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में 16 सितंबर, 2013 हो हुआ।



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माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल :-

माननीय न्यायमूर्ति का जन्म श्री वीरेन्द्र एवं श्रीमति चमेली अग्रवाल के परिवार में 15 जुलाई 1965 को रतनपुर (बिलासपुर) में हुआ। आपकी स्कूली शिक्षा रतनपुर में हुई। आपने गुरू घासीदास विश्वविद्यालयद्व बिलासपुर से विज्ञान एवं विधि में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से विधि में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। आप 03 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। आपने जिला एवं सत्र् न्यायालय बिलासपुर, उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर और छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर में विधि व्यावसाय किया तथा विधि की विभिन्न शाखाओं, विशेष रूप से सिविल एवं संविधान संबंधी विषयों में पैरवी की। आप छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर, छ.ग. लोक सेवा आयेग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी. आई), अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लि. इंडियन आयल कारपोरेशन लि. स्टील अथारिटी आफ इंडिया लि. स्टेट बैंक आफ इंडिया, देना बैंक, नगर निगम बिलासपुर एवं रायपुर तथा छ.ग. शासन के कई निगमों, मंडलों एवं प्राधिकरणों एवं छ.ग. तथा भारत के ख्याति प्राप्त निगम समूहों के अभिभाषक रहे। आप हिदायतुल्लाह विधि विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) के कार्य परिषद के पदेन सदस्य, इंडियन ला रिर्पोट कमेटी (छ.ग.) के सदस्य और छ.ग. ला जजमेंट्स (छ.ग.) के संपादक मंडल के सदस्य रहे। आपने छ.ग. सी. पी. सी., आल्टरनेटिव डिस्प्यूट्स रिसाल्यूषन एंड मीडिएशन नियम 2006 के अधीन मध्यस्थ का कार्य किया। आपने छ.ग. शासन के उप महाविधवक्ता के रूप् में 1 मार्च 2002 से 21 फरवरी 2004 तक तथा 25 जून 2012 से आपके उन्नयन तक महाधिवक्ता छ.ग. शासन के रूप् में अपनी सेवाएं दी। आप 16 सितंबर 2013 को छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए ।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी :-

माननीय न्यायमूर्ति श्री. पी. सैम कोशी का जन्म ३० अप्रैल १९६७ को हुआ। वे जी. एस. महाविद्यालय जबलपुर से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि अजिर्त कर जबलपुर विश्व विद्यालय से विधि में स्नातक हुए। वे ९ मार्च १९९१ को अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए ।

उन्होंने दीवानी, संवैधानिक तथा सेवा एवं श्रम विषयों पर शुरूआत में म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में अक्टूबर २००० तक तत्पश्चात नवम्बर २००० से सितंबर २०१३ तक छ.ग. उच्च न्यायालय , बिलासपुर में विधि व्यवसाय किया।

वे विभिन्न सावर्जनिक उपक्रमों, संस्थानों , बैंकों के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे, कोल इंडिया लिमिटेड, एस.इर्.सी.एल, नेशनल मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड, भारत पेटोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, म.प्र. विद्युत मंडल, छ.ग. राज्य विद्युत मंडल इत्यादि जैसे कइ निजी संस्थानों के अभिभाष्क रहे।

वे सन २००२ से २००४ तक छ.ग. उच्च न्यायालय में शासकीय अभिभाषक एवं २००५-०६ उपमहाधिवक्ता भी रहे।

वे १६ सितंबर २०१३ को छ.ग. उच्च न्यायालय में अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त हुए।



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माननीय श्री न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बाजपेयी :-

माननीय न्यायमूर्ति का जन्म 14.10.1955 को हुआ । आपने एम.एस.सी. और एल.एल.बी. कि उपाधि प्राप्त की और 12.10.1981 को सिविल जज के रूप में नियुक्त हुए और वर्ष 1997 में उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य के रूप में पदोन्नत किये गये । आप उपसचिव, विधि एवं विधायी , छत्तीसगढ़ सरकार, सलाहकार, राज्य आर्थिक अपराध जांच ब्यूरो और रजिस्ट्रार, राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग, रायपुर के रूप में पदस्थ रहे। आप दिनांक 27 जनवरी, 2014 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल :-

आप दिनांक 29 सितम्बर, 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेन्द्र चंद्र सिंह सामंत :-

आप दिनांक 29 सितम्बर, 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति अनिल कुमार शुक्ला :-

आप दिनांक 29 सितम्बर, 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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