उच्‍च न्‍यायालय छत्‍तीसगढ,बिलासपुर - वर्तमान ‍न्‍यायाधिपतिगण


वर्तमान ‍न्‍यायाधिपतिगण

माननीय श्री न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी (मुख्‍य न्‍यायाधिपति)
माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्‍द्र मोहन श्रीवास्‍तव
माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुडी माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल
माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल
माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेन्द्र चंद्र सिंह सामंत माननीय श्री न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता
माननीय श्री न्यायमूर्ति राम प्रसन्न शर्मा माननीय श्री न्यायमूर्ति अरविंद सिंह चंदेल
माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया
माननीय श्री मति न्यायमूर्ति विमला सिंह कपूर माननीय श्री मति न्यायमूर्ति रजनी दुबे










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माननीय श्री न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी (मुख्‍य न्‍यायाधिपति)


12 नवंबर, 1957 को जन्मे माननीय न्यायाधिपति श्री अजय कुमार त्रिपाठी 9 अक्टूबर 2006 को पटना उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर उत्थित हुए तथा 21 नवंबर 2007 को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। आपने ख्याति प्राप्त श्री राम काॅलेज आॅफ काॅमर्स (एस.आर.सी.सी.) से अर्थशास्त्र (आॅनर्स) में स्नातक पूर्ण किया तथा कैम्पस लाॅ सेन्टर, दिल्ली विश्वविद्यालय में विधि शास्त्र का अध्ययन किया। आप सन् 1981 में पटना उच्च न्यायालय में नामांकित (एनरोल) हुए तथा प्राथमिक तौर पर आपने सेवा विधि, संवैधानिक विधि, कराधान, आबकारी तथा अन्य वाणिज्यिक वादों के क्षेत्र में कार्य किया। उत्थित होने से पूर्व न्यायाधिपति त्रिपाठी भारत संघ तथा आयकर विभाग के स्थायी परामर्शी के पद पर आसीन थे। आप सी.बी.आई तथा भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक के विशेश परामर्शी के तौर पर उपसंजात हुए। आपने अनेक राजकीय क्षेत्र के उपक्रमों का भी प्रतिनिधित्व किया। आप अनेक प्रासंगिक महत्वपूर्ण वादों में उपसंजात हुए जो राज्य स्तर तथा राश्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनी।

न्यायाधिपति त्रिपाठी ने बिहार राज्य हेतु अतिरिक्त महाधिवक्ता के तौर पर सेवाएं दी तथा उच्च न्यायालय का इसके वादों में प्रतिनिधित्व किया। सन् 1998 में आप पटना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष थे। आप बिहार राज्य में गुणवत्तायुक्त विधिक शिक्षा लाने में सक्रिय रूप से सम्मिलित रहे थे तथा पटना में चाणक्य नैशनल लाॅ यूनिवर्सिटी (सी.एन.एल.यू.) की स्थापना में आपका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्तमान में आप विश्वविद्यालय के सामान्य तथा शैक्षणिक परिशद् के सदस्य हैं। न्यायाधिपति त्रिपाठी नैशनल लाॅ स्कूल बैंगलोर के सामान्य परिशद् के सदस्य हैं। जब बिहार राज्य में ‘टेली-लाॅ‘ सेवाओं का उन्मोचन हुआ, न्यायाधिपति त्रिपाठी बिहार न्यायिक अकादमी के निदेशक मण्डल में थे तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष थे। बिहार ‘टेली-लाॅ‘ उन्मोचित करने वाला देश का केवल दूसरा राज्य है।

आपने 07.07.2018 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति के तौर पर शपथ ग्रहण किया।


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माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा :-

जन्म 29 अगस्त 1964 को रायगढ़ (छ0ग0) में हुआ। उन्होंने बी.एस.सी. तथा एल.एल.बी. की उपाधि गुरूघासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर (छ0ग0) से प्राप्त की। वे 4 सितम्बर 1987 को अधिवक्ता नामांकित किये गये। उन्होंने जिला न्यायालय रायगढ़, जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश तथा बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में वकालत की तथा दीवानी, दाण्डिक एवं रिट के विभिन्न शाखाओं में वकालत की। उन्हें जनवरी 2005 को उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनित किया गया। वे 2½ वर्षो तक छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष रहे। वे उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के नियमकारी समिति के नियुक्त/सहयोगी सदस्य रहे। वे गुरूघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कार्यकारी परिषद के कुलाधिपति भी नामित किये गये। वे हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्‍वविद्यालय, रायपुर (छ0ग0) के कार्यकारी परिषद में पदेन सदस्य के तौर पर सम्बद्ध रहे। उन्होंने जून 26, 2004 से 31 अगस्त 2007 तक छत्तीसगढ़ राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता के तौर पर कार्य किया और उसके पश्‍चात् 1 सितम्बर 2007 से अपने उन्नयन तक उन्होंने राज्य के महाधिवक्ता के तौर पर कार्य किया। 10/12/2009 को वे बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्‍द्र मोहन श्रीवास्‍तव :-

माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव का जन्म 6 मार्च 1964 को बिलासपुर में हुआ। उन्होंने विद्यालयीन शिक्षा बिलासपुर से पूर्ण की तथा स्नातक (बी.एस.सी.) की उपाधि सी.एम.डी. महाविद्यालय बिलासपुर से एवँ एल.एल.बी. की उपाधि स्वर्ण पदक सहित के.आर. विधि महाविद्यालय से प्राप्त की। वे अध्ययन बोर्ड तथा शैक्षणिक परिषद, गुरूघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सदस्य रहे। 5/10/1987 को म0प्र0 विधिज्ञ परिषद में नामांकित किये गये तथा जिला न्यायालय रायगढ़ एवं उच्च न्यायालय में वकालत किये । वे आयकर विभाग नगर परिषद, रायपुर एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत संगठन, निगमों के स्थायी अधिवक्ता रहें। वे रोटरी इंटरनेशलन से भी संबद्ध हैं। 31/01/2005 को उन्‍हें वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत किया गया तथा 10/12/2009 को बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में उन्नत किये गये।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुडी :-

इनका जन्म 10 नंवबर 1962 को प्रख्यात अधिवक्ताओं श्री एस. के भादुड़ी (पिता), एवं पी. भादुड़ी (दादा) के परिवार में हुआ। इन्होंने अपनी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयीन शिक्षा बंगाली कालीबाड़ी विद्यालय रायपुर और उसके पश्चात् माध्यमिक शिक्षा संत पाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर से पूर्ण की। इन्होंने बी.काम. और एल.एल.बी. की डिग्री रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से प्राप्त की। इन्हें एल.एल.बी. में स्वर्ण पदक प्रदान किया गया था।

ये ऐसी समिति के जुडे हुए थे जो रायपुर में 3 महाविद्यालयों का संचालन करते थे जिनका नाम दुर्गा महाविद्यालय, विवेकानंद महाविद्यालय और इनके दादा द्वारा स्थापित विधि महाविद्यालय हैं। ये शिक्षा समिति एवं क्षेत्रीय समितियों के भी सदस्य रहे।

ये विधि व्यवसाय से 1985 से जुड़े। इन्होंने छत्तीसगढ़ एवं पूर्व म.प्र. क्षेत्र राज्य के विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत की तथा उच्च न्यायालय में भी वकालत की।

सन् 2000 में बिलासपुर स्थानान्तरित हो गए। इन्होंने शासकीय अधिवक्ता के रूप में कार्य किया और इसके पश्चात् महाविधवक्ता कार्यालय बिलासपुर में उपमहाविधवक्ता के रूप में पदोन्नत हुए और सन् 2003 तक इस पद पर रहे। इसके पश्चात् निजी वकालत की।

इन्होंने सिविल, दांडिक, संवैधानिक, कंपनी और श्रम मामले किए। ये सी.बी.आई. के स्थयी अभिभावक भी रहे। ये सेल, एन.टी.पी.सी, बैंक जैसे सार्वजनिक उपक्रम और विभिन्न प्रायवेट कंपनी निकायों के भी स्थयी अभिभावक रहे।

इनका उन्नयन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में 16 सितंबर, 2013 हो हुआ।



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माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल :-

माननीय न्यायमूर्ति का जन्म श्री वीरेन्द्र एवं श्रीमति चमेली अग्रवाल के परिवार में 15 जुलाई 1965 को रतनपुर (बिलासपुर) में हुआ। आपकी स्कूली शिक्षा रतनपुर में हुई। आपने गुरू घासीदास विश्वविद्यालयद्व बिलासपुर से विज्ञान एवं विधि में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से विधि में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। आप 03 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। आपने जिला एवं सत्र् न्यायालय बिलासपुर, उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर और छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर में विधि व्यावसाय किया तथा विधि की विभिन्न शाखाओं, विशेष रूप से सिविल एवं संविधान संबंधी विषयों में पैरवी की। आप छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर, छ.ग. लोक सेवा आयेग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी. आई), अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लि. इंडियन आयल कारपोरेशन लि. स्टील अथारिटी आफ इंडिया लि. स्टेट बैंक आफ इंडिया, देना बैंक, नगर निगम बिलासपुर एवं रायपुर तथा छ.ग. शासन के कई निगमों, मंडलों एवं प्राधिकरणों एवं छ.ग. तथा भारत के ख्याति प्राप्त निगम समूहों के अभिभाषक रहे। आप हिदायतुल्लाह विधि विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) के कार्य परिषद के पदेन सदस्य, इंडियन ला रिर्पोट कमेटी (छ.ग.) के सदस्य और छ.ग. ला जजमेंट्स (छ.ग.) के संपादक मंडल के सदस्य रहे। आपने छ.ग. सी. पी. सी., आल्टरनेटिव डिस्प्यूट्स रिसाल्यूषन एंड मीडिएशन नियम 2006 के अधीन मध्यस्थ का कार्य किया। आपने छ.ग. शासन के उप महाविधवक्ता के रूप् में 1 मार्च 2002 से 21 फरवरी 2004 तक तथा 25 जून 2012 से आपके उन्नयन तक महाधिवक्ता छ.ग. शासन के रूप् में अपनी सेवाएं दी। आप 16 सितंबर 2013 को छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए ।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी :-

माननीय न्यायमूर्ति श्री. पी. सैम कोशी का जन्म ३० अप्रैल १९६७ को हुआ। वे जी. एस. महाविद्यालय जबलपुर से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि अजिर्त कर जबलपुर विश्व विद्यालय से विधि में स्नातक हुए। वे ९ मार्च १९९१ को अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए ।

उन्होंने दीवानी, संवैधानिक तथा सेवा एवं श्रम विषयों पर शुरूआत में म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में अक्टूबर २००० तक तत्पश्चात नवम्बर २००० से सितंबर २०१३ तक छ.ग. उच्च न्यायालय , बिलासपुर में विधि व्यवसाय किया।

वे विभिन्न सावर्जनिक उपक्रमों, संस्थानों , बैंकों के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे, कोल इंडिया लिमिटेड, एस.इर्.सी.एल, नेशनल मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड, भारत पेटोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, म.प्र. विद्युत मंडल, छ.ग. राज्य विद्युत मंडल इत्यादि जैसे कइ निजी संस्थानों के अभिभाष्क रहे।

वे सन २००२ से २००४ तक छ.ग. उच्च न्यायालय में शासकीय अभिभाषक एवं २००५-०६ उपमहाधिवक्ता भी रहे।

वे १६ सितंबर २०१३ को छ.ग. उच्च न्यायालय में अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त हुए।



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माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल :-

माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय अग्रवाल का जन्म 21 अगस्त 1964 को बिलासपुर में हुआ । माननीय न्यायमूर्ति के पिता स्वर्गीय श्री श्याम बिहारी अग्रवाल प्राणीशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक तथा माता गृहणी थी । माननीय न्यायमूर्ति के दादाजी एक महान प्रख्यात व प्रतिष्ठित दीवानी अधिवक्ता थे । माननीय न्यायमूर्ति के चाचा जी श्री रविश चन्द्र अग्रवालए वरिष्ठ अधिवक्ता छत्तीसगढ़ राज्य के महाधिवक्ता थे तथा वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य के महाधिवक्ता है ।

आपने शालेय शिक्षा एवं गणित में स्नातक की शिक्षा बिलासपुर में प्राप्त की तत्पश्चात् आपने कौशलेन्द्रराव विधि महाविद्यालय बिलासपुर से एल एल०बी० की उपाधि प्राप्त की । आप 1986 से 1989 तक उच्च श्रेणी शिक्षक के रूप में नियुक्त रहे उसके बाद 07 सितम्बर 1989 को आप अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए तथा श्री रविश चन्द्र अग्रवाल जी के मार्गदर्शन में आपने अपने व्यवसायिक जीवन की शुरूअात की । आपने 1989 से जनवरी 1997 तक जिला न्यायालय बिलासपुर में 1997 से 2000 तक मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में तथा 2000 से न्यायाधीश के पद पर उन्नत होने तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में विधि व्यवसाय किया । आपने दीवानी दाण्डिक व संवैधानिक मामलों की पैरवी की । दीवानी मामलों में आपकी विशिष्टता रही । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में विधि व्यवसाय करते हुए आप शासकीय अधिवक्ता के रूप में नियुक्त हुए एवं 2007 तक उस पद पर बने रहे । आप 29 सितम्बर 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए ।

आप दिनांक 29 सितम्बर, 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।


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माननीय श्री न्यायमूर्ति राजेन्द्र चंद्र सिंह सामंत :-

आप दिनांक 29 सितम्बर, 2016 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता:-

माननीय न्यायमूर्ति श्री शरद कुमार गुप्ता का जन्म दिनांक 14 अप्रैल सन् 1959 को राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में हुआ। आपने अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय, रीवा (मध्यप्रदेश) से विज्ञान में प्रथम श्रेणी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। आपने एल.एल.बी. की उपाधि प्रथम श्रेणी में जीवाजी विश्वविद्यालय से प्राप्त की। तत्पश्चात् अपने पिता स्वर्गीय श्री बी. एस. गुप्ता, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के विरासत को आगे बढ़ाते हुए सन् 1985 में आपने अपने प्रथम प्रयास में मध्यप्रदेश न्यायपालिका में व्यवहार न्यायधीश के रूप में पद ग्रहण कर अपने कैरियर की शुरूवात की।

आप सेवा के विगत् 32 वर्षों में विभिन्न कार्यक्षेत्रों में कार्यरत् रहे, जिनमें विधिक सलाहकार राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ई.ओ.डबलू), जिला एवं सत्र न्यायधीश, विशेष न्यायधीश, प्रधान न्यायधीश कुटुम्ब न्यायालय, विधिक सलाहकार, राज्यपाल, छ.ग. शासन शामिल है।

आप 27 जून 2017 को छ.ग. उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायधीश के रूप में उन्नत हुए।


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माननीय श्री न्यायमूर्ति राम प्रसन्न शर्मा :-

आप दिनांक 27 जून, 2017 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति अरविंद सिंह चंदेल :-

माननीय न्यायमूर्ति का जन्म 1 सितंबर 1963 को बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में हुआ । आपने बी.ए. की उपाधि पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) और एल.एल.बी की उपाधि गुरूघासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से प्राप्त की। आपने 26 अगस्त 1987 को व्यवहार न्यायधीश वर्ग -2 के रूप में व्यवहार न्यायालय, शहडोल (मध्यप्रदेश) में पदग्रहण किया। तत्पश्चात आपने मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में अधीनस्थ न्यायपालिका के विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी। आपने राज्य परिवहन अपीलीय प्राधिकरण में पीठासीन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी, उसके उपरांत आपने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कवर्धा के रूप में अपनी सेवाएं दी। आपने छ.ग. उच्च न्यायालय में अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन) और रजिस्ट्रार (सतर्कता) और (निरीक्षण व जांच) के रूप में अपनी सेवाएं दी। आपने उन्नयन से पूर्व छ.ग. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में अपनी सेवाएं दी। आप 27 जून 2017 को छ.ग. उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उन्नत हुए और शपथ लिये।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू :-

आप दिनांक 18 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया :-

आप दिनांक 18 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

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माननीय श्री मति न्यायमूर्ति विमला सिंह कपूर :-

आप दिनांक 18 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुई ।

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माननीय श्री मति न्यायमूर्ति रजनी दुबे :-

आप दिनांक 18 जून, 2018 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुई ।

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